मंगलवार, 7 जून 2016

यदुवंश के वीर सपूतो को नमन

राजिंदर यादव और गुरुदेव यादव जी की और प्रयासो की बदौलत दो बंधक यादव युवको को मलयेशिया से करया गया आजाद । सरकार से बातचीतकर यादव यूवको को आजाद करवाने जैसे सरहनीय कार्य हेतू यादव महासंघ चंडीगढ़ राजिंदर जी , गुरुदेव जी एव सरकार हार्दिक धन्यवाद प्रकट करता है।
जय हिन्द।
जय यादव जय माधव।
आपका आभारी
यादव महासंघ चंडीगढ़
www.yadavmahasang.in





युवकों   की  भारत वापसी के लिए प्रयास करने वाले यादव महासंघ चंडीगढ़ के सचिव  श्री राजेंदर यादव एवं सह सचिव श्री गुरुदेव यादव संरक्षक डॉ. विक्रम यादव के साथ 

शुक्रवार, 1 अप्रैल 2016

व्यक्तित्व परिचय

व्यक्तित्व परिचय 

प्रिय मित्रो हम अपने ब्लॉग पर एक नए कॉलम का शुभ आरम्भ करने जा रहे हैं ! जिसमे आपको आपको यदुवंश के कुछ विशेष व्यक्तित्व वाले लोगों का जीवन परिचय प्राप्त हो सकेगा ! इस लिंक पर क्लीक करके आप पोस्ट को अपने मेल में भी पा सकतेहैं
http://yuvayaduvanshi.blogspot.com/

पदमश्री हलधर नाग यादव को हमारा शत शत नमन

निश्चित तौर पर आप लोगों में से बहुत कम लोग इन्हें जानते होंगे। मैं भी इन्हें तब तक नहीं जानता था जब तक ये पद्मश्री से अलंकृत नहीं हो गये।आपको मालूम होगा कि पिछले दिनों राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पदमश्री और पदमभूषण से कुछ हस्तियों को नवाजा।
इन्हीं हस्तियों में से एक थे ओडिशा के कवि 66 वर्षीय "हलधर नाग यादव " जिनके बारे में न तो ज्यादा टीवी पर आया और न ही आपको सोशल मीडिया पर ज्यादा कुछ पढ़ने को मिला।
हलधर नाग 
यादव एक गरीब परिवार से आते हैं और उन्होंने तीसरी कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ दी थी।
वह मुश्किल से स्कूल गए लेकिन आप यकीन नहीं करेंगे कि वह आज पीएचडी करने वाले छात्रों के सबजेक्ट की लिस्ट में हमेशा शामिल रहते हैं।
उनके नाम पर पांच थिसिस दर्ज हैं और जल्द ही वह ओड़िशा स्थित संबलपुर यूनिवर्सिटी के सेलेबस का हिस्सा होंगे।
हलधर नाग 
यादव को अपनी सारी कविताएं और अब तक लिखे गए 20 महाकाव्य कंठस्थ हैं। हमेशा नंगे पैर और मात्र एक धोती तथा बनियान पहनने वाले हलधर नाग यादव के पास कोई डिग्री नहीं है, लेकिन आज उनकी कविताओं पर शोध करके छात्र डिग्री प्राप्त कर रहे हैं।
मूल रूप से कोस्ली भाषा में कविताएं लिखने वाले हलधर नाग यादव 1990 से लेखन कर रहे हैं।
बहरहाल यह सब मैं यहाँ इसलिये शेयर कर रहा हूँ क्योंकि कुछ लोगों को लगता है कि सारा ज्ञान स्कूल की किताबों में ही छुपा रहता है।जो जितनी ज्यादे डिग्रीयां बटोरकर रखे हुये है वह उतना ही बडा ज्ञानी है।कम से कम हलधर नाग यादव जैसे लोग इस मिथक को गलत साबित करने के लिये एक बेहतरीन उदाहरण हैं।क्योंकि जब तुलसी, रहीम और कबीर का उदाहरण दिया जाता था तो वह लोग आधुनिक समय की दुहाई देते थे।अब हलधर नाग तो आज के समय में ही हैं।इसलिये "सिर्फ स्कूल ही ज्ञान प्राप्ति के साधन हैं", इस मिथक को तोड़ने के लिये इनसे बेहतरीन उदाहरण कोई और नहीं हो सकता। ऐसे विलक्षण प्रतिभाशाली व्यकतित्व को  हमारा शत शत नमन 

सोमवार, 21 मार्च 2016

होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन

आज दिनांक 20-03-2016 को होली मिलन समारोह का भव्य आयोजनहोली मिलन समारोह का भव्य आयोजन मलोयाचण्डीगढ़ में किया । इस समारोह में चण्डीगढ़पंचकूलामोहाली पिन्जौर व अन्य जगहो से आये हुए यादव विरादरी तथा समाज के अन्य गणमान्य लोगों ने काफी संख्या में उपस्थित होकर समारोह की शोभा को बढ़ाया ।
          समारोह में उपस्थित सभी यादव सभाओं के प्रतिनिधियों व अन्य गणमान्य लोंगो को यथोचित सम्मान तथा स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये ।
         समारोह के संयोजक डा. विक्रम यादव ने बताया कि यादव महासंघ चण्डीगढ़ (रजि.) के आमंत्रण पर श्री नरेन्द्र सिंह यादव अमेरिका से आकर महासंघ के होली मिलन समारोह में सम्मिलित हुए । इस अवसर पर रंगा-रंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों की प्रस्तुतियां काफी आकर्षक व मनमोहक रहीं । होली के मनमोहक गीतों पर लोग खुश होकर थिरकते नजर आये ।
         डा. विक्रम यादव ने बताया कि यादव महासंघ चण्डीगढ़ (रजि.) का उद्देश्य सभी वर्ग  के लोगों का सामाजिक उत्थान,लुप्त होती सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण व समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा है ।
         अंत में यादव महासंघ के अध्यक्ष श्री श्रीप्रकाश यादववरिष्ठ उपाध्यक्ष- श्री हरिनारायण यादवमहासचिव- श्री राजेन्द्र यादव उपसचिव- श्री गुरदेव यादवकोषाध्यक्ष-श्री राजेश यादवसदस्य- श्री उदय राज यादवश्री राधेश्याम यादवश्री केदार नाथ यादवश्री जितेन्द्र यादवश्रीमती पुष्पा यादव,श्री बी. एल. सिंह यादवश्री राजमणि यादव, श्री रोहताश सिंह यादवश्री मदन परमारश्री पी.पी. यादवश्री अशोक यादव (स्वामी जी)श्री राम अचल यादवश्री भोला राय यादव श्री राजनारायण यादवश्री रामाश्रय यादवडा.राजेश यादव,श्री केदार यादव व अन्य सम्मानित सदस्यों ने आय़े हुए सभी आदरणीय अतिथियों का सादर आभार प्रकट किया ।

























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सोमवार, 1 फ़रवरी 2016

यदुवंश के ऐसे वीर सपूत को शत्-शत् नमन् एवं श्रद्धाञ्जलि

यदुवंश के ऐसे वीर सपूत को शत्-शत् नमन् एवं श्रद्धाञ्जलि
- द्वारा-
यादव महासंघ चण्डीगढ़ (रजि.)

           यादव महासंघ चण्डीगढ़ (रजि.) , स्व. श्री हरिकेश यादव (आर. सी. वी., आर्मी) के असामयिक निधन पर शोक व्यक्त करते हुए स्व. श्री हरिकेश यादव को श्रद्धासुमन अर्पित करता है ।

           स्व. श्री हरिकेश यादव, यादव महासंघ चण्डीगढ़ (रजि.) के आरणीय सदस्य, हवलदार श्री श्रवण कुमार यादव (ब्रिगेड आफ द गार्ड,आर्मी) के सबसे छोटे एवं प्रिय भाई थे, जिनका निधन एक ट्रैक्टर दुर्घटना में दिनांक16-01-2016 को हो गया है। स्व. श्री हरिकेश यादव का जन्म सन् 1994 में ग्राम- दामोदर पुर,थाना- मुबारक पुर, जिला- आजमगढ़ (उ.प्र.) में एक किसान परिवार में हुआ था । अपने बड़े भाईयों हवलदार श्री श्रवण कुमार यादव एवं सिपाही श्री श्रीकेश यादव (आर. सी. वी., आर्मी) के बाद सन् 2013 में सेना में भर्ती हुए । अपने पिता स्व. श्री यमुना यादव के निधन के बाद सेना की सेवा के साथ-साथ घर का काम भी बखूबी सँभाल रहे थे । स्व. श्री हरिकेश यादव एक मृदुभाषी,प्रसन्नचित एवं प्रतिभावान व्यक्ति थे । अपने परिवार के साथ-साथ वे समाज के अन्य लोगों में भी अत्यन्त लोकप्रिय थे।

            बडे़ भाई हवलदार श्री श्रवण कुमार यादव जिनके अश्रु थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे, बताते हैं कि जिस भाई ने कभी पिता की कमी महसूस नहीं होने दिया, उसके न रहने से हमारा तो सब कुछ लुट गया । मझले भाई श्री श्रीकेश यादव जिनके लिए सबसे प्रिय भ्राता, सबसे प्रिय मित्र एवं एकमात्र दुलारे, जिनके रहते कभी उन्होने किसी भी प्रकार के दायित्व का बोझ महसूस नही किया, को सान्त्वना दे पाना अत्यन्त मुश्किल था । "बहने" जिन्होंने भाई की शादी एवं सुख-समृद्धि को लेकर न जाने कितने सपने सँजोए थे, अब उनके सपने टूट चुके थे और उनकी आँखों से आँसुओं के साथ-साथ सब कछ अविरल बहा जा रहा था । "भाभिया" जिनके लिए सर्वप्रिय व देवर के रूप में सबसे अच्छे मित्र भी वही थे, से खुशयां सुदूर जा चुकी थीं जो अब कभी भी लौटकर वापस आने वाली नहीं थीं, ठगी- ठगी  सी अश्रुपूर्ण आखों से उनके उठ बैठने का इन्तेजार कर रहीं थीं । उनकी आदरणीया "माता" के व्यथित हृदय की व्यथा को महसूस कर पाना अत्यन्त कठिन था जनके हृदय का एक हिस्सा ही अब हमेशा-हमेशा के लिए उनसे अलग होकर चिर्निद्रा में सो गया था । चचेरे 7 भाईयों में सबसे बड़े श्री अच्छेलाल यादव (पी.ए.सी.) मायूसी एवं चिन्ताग्रस्त मुद्रा में बताते हैं कि हम 10 भाईयों के बीच में से एक ऐसी मजबूत कड़ी हमसे टूटकर दूर जा चुकी है जिसकी कमी जीवनपर्न्त हम सबको व्यथित करती रहेगी । "बच्चे" जिनके सबसे अच्छे मित्र एवं खिलौने उनके हरिकेश चाचा ही थे, शोक-सन्तप्त आँखों से उनकी प्रतिक्षा कर रहे थे । व्यथित हृदय सहमे-सहमे बच्चों की खामोशी देखकर लगता था मानो उनका बचपन ही उनसे छिन गया हो ।

            माता ने अपना प्रिय पुत्र खोया, भाईयों एवं बहनों ने अपना प्रिय भाई खोया, भाभियों ने देवर के रूप में अपना प्रिय मित्र खोया,यदुवंश ने अपना एक प्रतिभावान एवं लोकप्रिय व्यक्तित्व खोया तथा भारत माता ने अपना वीर सपूत खोया जिसकी कमी हमेशा महसूस की जायेगी ।
            
             यादव महासंघ चण्डीगढ़ (रजि.), स्व. श्री हरिकेश यादव (आर. सी. वी., आर्मी) के असामयिक निधन से शोकाकुल है तथा उन्हे अपनी भाव-भीनी श्रद्धाञ्जलि अर्पित करता है । भगवान श्री कृष्ण जी उनके परिवार
एवं सम्बन्धियों को इस असहनीय कष्ट को सहन करने की शक्ति प्रदान करें व उन्हें अपने चरणों में स्थान दें । यदुवंश के ऐसे सपूत को यादव महासंघ चण्डीगढ़ (रजि.) का शत्-शत् नमन्.............

                  

सोमवार, 11 जनवरी 2016

कुसुमसरोवर गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर प्रमुख स्थान।

कुसुमसरोवर 

गोवर्धन परिक्रमा मार्ग पर प्रमुख स्थान।


एक दिन श्री किशोरी जी सखियों के साथ कुसुम वन में फूल चयन कर रही थीं। श्री श्यामसुंदर ने माली के रूप में दूर से खड़ेहोकर आवाज़ लगाई,'' कौन तुम फुलवा बीनन हारी?''साथ की सखियां भयभीत होकर इधर-उधर भाग खड़ी हुईं। श्री किशोरी जी का नीलाम्बर एक झाड़ी में उलझ गया, भाग न सकीं। इस हड़बड़ाहट में एक-दो फूल भी उनके हाथ से गिरगए। इतने में माली का रूप छोड़ कर सामने श्री श्याम सुंदर आकर उपस्थित हुए। उन्होंने नीलाम्बर को झाड़ी से छुड़ा दिया। श्री राधा के द्वारा पृथ्वी पर गिरे फूल श्री श्यामसुंदर ने उठा लिए।श्री किशोरी जी ने कहा, ''प्रियतम ! पृथ्वी पर गिरे फूल पूजा के योग्य तो रहे नहीं अब क्या करोगे इनका?''श्री श्यामसुंदर ने उन फूलों को सरोवर के जल से धो लिया और बोले प्राणवल्लभे ! अब ये फूल शुद्ध हो गए हैं। इतना कह कर श्री श्यामसुंदर ने वे कुसुम श्री किशोरी जी की बेनी में लगा दिए। श्री युगल किशोर के आनन्द की सीमा नरही। तभी से यह सरोवर 'कुसुमसरोवर' नाम से प्रसिद्ध हो गया।





BLOOD DONATION N MEDICAL CHECK UP CAMP

BLOOD DONATION N MEDICAL CHECK UP CAMP ORGANIZED BY ''BHARTIYA YADAV SAMAJ CHANDIGARH " WAS INAUGURATED BY CHIEF GUEST SH.B.PURSHARTH (IAS) COMMISSIONOR M.C. CHANDIGARH,SH.MUKESH ANAND JEE CHIEF ENGINEER CHANDIGARH,SH. DEEPAK YADAV D.S.P. CHANDIGARH POLICE. BLOOD DONATION CAMP ON SUNDAY 10/01/2016,SANATAN DHARM MANDIR SEC 46/B CHANDIGARH.











यादव महासंघ चंडीगढ़ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओ द्वारा चंडीगढ़ नगर निगम के नव निर्वाचित मेयर एवं dypty मेयर को बधाई दी








यादव महासंघ चंडीगढ़ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओ द्वारा चंडीगढ़  नगर निगम के नव  निर्वाचित मेयर एवं dypty मेयर को बधाई दी 
बधाई देते हुए समाज सेवी डॉ. विक्रम यादव , डॉ. राजेश यादव , श्री राजेंदर यादव , श्री रामसूरत  यादव व् अन्य